Just fun
Trying my luck to skip me 9 to 5 job
वो बात जो मैं हर सुबह भूल जाता हूँ... 💔 | Heart Touching Shayari
मैंने लिखा अब तक का सबसे लंबा मिश्रा! 💔 | Deep Urdu Shayari | Poetry Status ीफ़ लाइए,
मोहब्बत का तमाशा सरेआम देखना हो, या दिल के टूटने की गूँज सुननी हो... यह मिश्रा उसी बेरुखी की दास्तान है। एक ऐसा मिश्रा जो लंबा ज़रूर है, मगर शायद उस 'संग-दिल' की बेरुखी से छोटा ही है।
वही बेरहम, वही सख़्त, वही ख़ुदग़र्ज़... जिसे चाहत से है नफ़रत, जिसे उल्फ़त से है वहशत।
मैंने इस वीडियो में अपनी लिखी सबसे लंबी पंक्ति (मिश्रा) को आवाज़ दी है। आपको मेरी यह कोशिश कैसी लगी? कमेंट सेक्शन में अपनी शिकायतें या दाद ज़रूर दर्ज करें।
वीडियो पसंद आई हो तो लाइक करें, शेयर करें और इस ख़ाकसार के चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।""वही बे-रहम, वही सख़्त, वही ख़ुद-ग़रज़ ओ ख़ुद-सर, जिसे चाहत से है नफ़रत, जिसे उल्फ़त से है वहशत, जो न बहलेगा किसी से, जो न समझेगा किसी को, जिसे बस अपनी अना की, अपनी वहशत की पड़ी है, जो समझता है ये दुनिया, ये मोहब्बत, ये तअल्लुक़, हैं फ़क़त खेल ज़माने के, फ़क़त ढोंग फ़साने के, न जिसे दर्द का अहसास, न जिसे हिज्र की परवाह, जो मेरी लाश पे आ कर भी यही सोचेगा पल भर कि चलो अच्छा हुआ पीछा छूटा इस दिल-ए-नादाँ से, जो हर रोज़ तमाशा नया करता था सरे-आम, जो रोता था सर-ए-राह, जो लिखता था ग़ज़ल-ज़ार, जो मरता था इसी एक बुत-ए-संग-दिल ओ संग-ओ-ख़िश्त पे हर दम, जिसे अब ख़ाक में मिल कर भी सुकूँ आ ही गया है, मगर अफ़सोस कि उस संग-दिल को अब भी ये शिकवा है कि क्यूँ मरते हुए उसने मेरा नाम लिया था!"
हटता जो पर्दा दोस्ती का, तो दोस्ती से आगे भी कुछ देख पाते..." 🥺🌹
मेरे साथ ही ऐसा क्यों।😞 💔 .writes
Tum bahut khush ho 😊 💔
Kinare se hi chale gye 🥺 ❤️ 🌸
Khali hath💔💔
परिया, चाँद, तारे, समुंदर, आसमान, झील सब कुछ लिख दिया शायरों ने। किसी ने ख्वाब लिखा, किसी ने हकीकत लिखी, किसी ने अपना लिखा, किसी ने बेमुरबत लिखी, मगर लिख ना सका कोई उसकी सादगी की मुकम्मल इनायत को। खुदा ने तुम्हें बनाकर जमीन पर जैसे लिख दी ये मोहब्बत की आखिरी आयत हो।
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