Krishna Yadav
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क्या यही सनातन धर्म और राम राज्य है?
इजराइल ने एक आतंकवादी की लाश में टाइम बम्ब रख कर वापिस फिलस्तीनयों को दे दी रिजल्ट आप के सामने है हमे भी इजराइल से कुछ सिखना चाहिए
आतंकवादी को तो मारा साथ ही उसको मानने वालो को भी उड़ा दिया..
आतंकवाद मुक्त विश्व
जनता द्वारा अपार जनसमर्थन देने के बाद भी. देश के इन बड़े नेताओं की क्या मज़बूरी है जो ये लोग. अपराधी भ्रष्टाचारी और परिवार वादी लोगो का समर्थन कर रहे है..
22/11/2025
बीजेपी सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana - PMAY) गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की प्रमुख योजना है। यह योजना 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य 2022 तक सभी के लिए आवास सुनिश्चित करना था। अब यह 2024-2029 तक PMAY 2.0 के रूप में जारी है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ नए पक्के मकान बनाने का लक्ष्य है। योजना ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U) दोनों क्षेत्रों के लिए है, जो कच्चे मकानों या बेघर परिवारों को वित्तीय सहायता देकर उनके जीवन को सुरक्षित बनाती है।
योजना का उद्देश्य
ग्रामीण और शहरी गरीबों को पक्का, सुरक्षित और सम्मानजनक मकान प्रदान करना।
मौसम की मार, असुरक्षा और सामाजिक पिछड़ेपन से मुक्ति दिलाना।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) को लक्षित करना।
योजना ने अब तक लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया है, जैसे छत्तीसगढ़ में विमला निषाद जैसी महिलाओं को पक्का घर मिला।
लाभ (वित्तीय सहायता)
योजना के तहत सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में किश्तों में दी जाती है। राशि निर्माण की प्रगति पर निर्भर करती है:
क्षेत्र
सहायता राशि (रुपये में)
अतिरिक्त लाभ
ग्रामीण (PMAY-G)
मैदानी क्षेत्र: 1,20,000पहाड़ी/कठिन क्षेत्र: 1,30,000
होम लोन सुविधा
शहरी (PMAY-U)
1,20,000 से 2,50,000 (आय वर्ग के आधार पर)
ऋण सब्सिडी (उदाहरण: MIG के लिए 9 लाख तक 3-6.5% ब्याज छूट)
कुल लक्ष्य: 2025 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान।
सब्सिडी: 1 लाख से 2.5 लाख तक, जो मकान निर्माण में मदद करती है।
पात्रता मानदंड
आय सीमा: वार्षिक आय 3 लाख से 18 लाख रुपये तक (EWS/LIG/MIG के लिए)।
मकान की स्थिति: परिवार के पास भारत के किसी भी हिस्से में पक्का मकान न हो (पति, पत्नी, अविवाहित बच्चे शामिल)।
आयु: 18 वर्ष से अधिक।
बीपीएल/राशन कार्ड: प्राथमिकता गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को।
अन्य: पहले किसी सरकारी आवास योजना का लाभ न लिया हो। उच्च आय वाले (18 लाख+), पक्का मकान मालिक या पहले लाभान्वित परिवार अयोग्य।
आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन:
ग्रामीण: awasplus.nic.in या pmayg.nic.in पर जाएं। "New Applicant" पर क्लिक करें।
शहरी: pmaymis.gov.in या स्थानीय नगर निगम पोर्टल (जैसे देहरादून में)।
आधार, मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें।
ऑफलाइन: नजदीकी ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या शहरी स्थानीय निकाय (ULB) में फॉर्म जमा करें।
सर्वे: PMAY ग्रामीण सर्वे 2025 चल रहा है; गांवों में सर्वेयर घर-घर जाकर आवेदन लेंगे।
स्टेटस चेक: वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन नंबर से लिस्ट देखें (PM Awas Yojana Gramin List 2025 जारी)।
समय: आवेदन हमेशा खुले रहते हैं, लेकिन PMAY 2.0 के लिए नए फॉर्म 2024-25 से शुरू।
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक।
आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू), निवास प्रमाण पत्र।
मकान की फोटो (कच्चे मकान का प्रमाण), स्वामित्व दस्तावेज (जमीन का)।
पासपोर्ट साइज फोटो।
महत्वपूर्ण नोट
योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसलिए वेरिफिकेशन सख्त है (30 दिनों में पुष्टि)।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in या हेल्पलाइन 1800-11-6446 पर संपर्क करें।
2025 तक लक्ष्य पूरा करने के लिए सर्वे और आवेदन तेजी से हो रहे हैं। यदि आप पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें!
यह योजना बीजेपी सरकार की "सबका साथ, सबका विकास" की दिशा में एक मील का पत्थर है, जो करोड़ों परिवारों को पक्के मकान का सपना साकार कर रही है।
विचार करने योग्य है..
21/11/2025
सनातन धर्म की शुरुआत (Sanatan Dharma ki Shuruaat)
सनातन धर्म (जिसे हिन्दू धर्म भी कहा जाता है) का कोई निश्चित "आरंभ बिंदु" या "संस्थापक" नहीं है। यह विश्व का सबसे प्राचीन जीवित धर्म है जिसकी जड़ें इतनी गहरी हैं कि इतिहास और पुरातत्व भी उसकी शुरुआत की सटीक तारीख नहीं बता पाते।
समयरेखा के अनुसार मुख्य बिंदु:
सिंधु घाटी सभ्यता (3300–1300 ईसा पूर्व)
हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में मिले पुरातात्विक अवशेषों में योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति (पशुपति सील), स्वास्तिक चिह्न, अग्निकुंड, मातृदेवी की मूर्तियाँ आदि मिली हैं।
ये सनातन धर्म के प्राचीन प्रतीकों और पूजा पद्धति के प्रमाण हैं।
वैदिक काल (लगभग 2000–500 ईसा पूर्व)
ऋग्वेद सबसे प्राचीन ग्रंथ है (लगभग 1800-1500 ईसा पूर्व रचना मानी जाती है, मौखिक परंपरा इससे भी पुरानी)।
इसमें इंद्र, अग्नि, वरुण, सोम आदि देवताओं की स्तुति है। यज्ञ, मंत्र और ऋषि परंपरा यहीं से शुरू हुई।
"सनातन" शब्द का सबसे पहला प्रयोग भी ऋग्वेद में मिलता है।
नाम "सनातन धर्म" का अर्थ
"सनातन" = शाश्वत, जो कभी नष्ट न हो
"धर्म" = जीवन का शाश्वत नियम
इसलिए इसे "शाश्वत धर्म" कहा गया, क्योंकि इसके मूल सिद्धांत (सत्य, अहिंसा, कर्मफल, मोक्ष आदि) समय के साथ नहीं बदलते।
कोई संस्थापक क्यों नहीं?
बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई, इस्लाम आदि धर्मों के संस्थापक हैं (बुद्ध, महावीर, गुरु नानक, ईसा मसीह, पैगंबर मुहम्मद)।
लेकिन सनातन धर्म को ऋषियों-मुनियों ने समय-समय पर "अनुभव" करके प्रकट किया। यह "अपौरुषेय" (मानव-रचित नहीं) माना जाता है।
संक्षेप में:
सनातन धर्म की शुरुआत मानव सभ्यता के आरंभ से ही मानी जाती है। यह कोई एक दिन या एक व्यक्ति से शुरू नहीं हुआ, बल्कि यह आदि काल से चला आ रहा शाश्वत मार्ग है।
इसलिए कहा जाता है:
"न हिंदू धर्म नया है, न पुराना है, वह तो सनातन है – अनादि और अनंत।"
यही कारण है कि इसे सनातन धर्म कहा जाता है, न कि सिर्फ "हिंदू धर्म" (जो बाद में भौगोलिक आधार पर पड़ा नाम है)।
Bangladeshis Flee Bengal Due To SIR
What was the BSF doing? How did the infiltrators enter?: Prof Monojit Mondal, Political Analyst
It is the failure of HM & PM that, under their watch, thousands of people have crossed the borders:
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