Kabir Is God

Kabir Is God

Partager

Kabir is God Sant Rampal Ji Maharaj
#kabirisgod #santrampaljimaharaj

18/05/2024

🍀श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में सच्चिदानंद घन ब्रह्म (परम अक्षर ब्रह्म) अर्थात पूर्ण परमात्मा की भक्ति के लिए "ओम् तत् सत्" इस तीन मंत्र के जाप (सुमिरन) का निर्देश किया गया है। जिसके सुमिरन की तीन प्रकार की विधि बताई गई है। जिसे पूर्ण संत यानि तत्वदर्शी संत ही बता सकता है और वे तत्वदर्शी संत ही सत्यनाम और सारनाम के जाप करने की विधि बताते हैं। इन नामों के जाप करने से साधक का पूर्ण मोक्ष हो जाता है

09/01/2024

#हिन्दू_भाई_संभलो




हिंदुओं के साथ धोखा बंद करो

📚हिन्दू धमर्गुरू व प्रचारक आचार्य, शंकराचार्य तथा गीता मनीषी गीता ज्ञान देने वाले (जिसे ये श्री विष्णु का अवतार श्री कृष्ण कहते हैं) को अविनाशी बताते हैं। कहते हैं इनका जन्म-मृत्यु नहीं होता।
इनके कोई माता-पिता नहीं।
आप देखें स्वयं (गीता अध्याय 2 श्लोक 12)
हे अर्जुन! ऐसा नहीं है कि मैं-तू तथा ये सब राजा व सैनिक पहले नहीं थे या आगे नहीं होंगे। अर्थात मैं (गीता ज्ञान दाता) तू (अर्जुन) तथा ये सब सैनिक आदि-आदि सब पहले भी जन्मे थे, आगे भी जन्मेंगे।
- जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी

28/05/2023

पूर्ण परमात्मा की भक्ति से साधक के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। परमात्मा हर युग में आते हैं और अपना ज्ञान प्रचार करते हैं। आज संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में परमेश्वर कबीर साहेब जी के 626 वें प्रकट दिवस पर उनके अनुयायियों के द्वारा जगह जगह दिव्य शोभायात्रा निकाली जा रही है जिसमें पूर्ण परमात्मा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा व पूरे विश्व को भंडारे का निमंत्रण दिया जा रहा है।
God Kabir Prakat Diwas

द्वापरयुग के सुपच सुदर्शन के माता-पिता ही कलियुग में नीरू-नीमा बनें | Sant Rampal Ji Satsang 11/05/2023

द्वापरयुग के सुपच सुदर्शन के माता-पिता ही कलियुग में नीरू-नीमा बनें | Sant Rampal Ji Satsang द्वापरयुग के सुपच सुदर्शन के माता-पिता ही कलियुग में नीरू-नीमा बनें | Sant Rampal Ji Satsang________________________________________अधिक जानकारी के लिए वि...

09/05/2023

What is the main benefit of doing True Worship and what are the by products of doing it?
To know, Download our Official App "Sant Rampal Ji Maharaj"

09/05/2023

गरीब, आतम और प्रमात्मा, एकै नूर जहूर।
बिच कर झ्यांई कर्म की, तातैं कहिये दूर।।
आत्मा तथा परमात्मा की एक जैसी छवि है। बीच में पाप कर्मों का (झांई) मैल है। इसलिए परमात्मा जीव से दूर कहा जाता है।

Vous voulez que votre entreprise soit Salon De Beauté la plus cotée à Democratic Republic of the ?
Cliquez ici pour réclamer votre Listage Commercial.

Téléphone

Adresse


Pilibhit Uttar Pradesh
Democratic Republic Of The
262122