Ayur Sansthan

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09/02/2025

डायबिटीज रोगियों को 7 बजे के बाद डिनर क्यों नहीं करना चाहिए- Why People With Diabetes Should Avoid Dinner After 7 PM

शाम के समय हमारी पाचन अग्नि (Digestive Fire) बहुत कम होती है। अगर आप इस दौरान बहुत भारी भोजन करते हैं, तो आपके द्वारा खाए भोजन का एक हिस्सा ठीक से पच नहीं पाता है या अनपचा ही रह जाता है, जो शरीर में टॉक्सिन्स का कारण बनता है। टॉक्सिन और कफ दोनों के ही गुण एक समान होते हैं। जब शरीर में टॉक्सिन्स की मात्रा बढ़ती है, तो इससे कफ दोष भी बढ़ता है। डायबिटीज रोग भी मुख्य रूप से शरीर में कफ दोष के बढ़ने के कारण ही होता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज की समस्या, तो रात में देर से भोजन करना आपकी परेशानियां बढ़ा सकता है। वहीं, इसके विपरीत अगर आप शाम को 6.30 बजे तक अपनी आखिरी मील ले लेते हैं, तो इससे आपको ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने के साथ ही कई अन्य रोगों के खतरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

08/02/2025

Giloy For Diabetes: गिलोय, जिसे वैज्ञानिक रूप से टिनोस्पोरा कॉर्डिफ़ोलिया कहा जाता है, को अमृता कहा जाता है, जिसे अमरता की जड़ के रूप में जाना जाता है। पौधे की पत्तियाँ रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने और मधुमेह को नियंत्रित करने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। यह प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन जड़ी बूटी है; इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हानिकारक मुक्त कणों से लड़ते हैं। यह जड़ी बूटी एक इम्यूनोमॉड्यूलेटरी के रूप में भी काम करती है जो शरीर में ग्लाइसेमिया को नियंत्रित करती है। यह एक प्राकृतिक एंटी-डायबिटिक दवा है जो चीनी की लालसा को दबाती है। इसके अलावा, यह अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाती है। इसके परिणामस्वरूप रक्त में इंसुलिन और ग्लूकोज का सुचारू विनियमन होता है। गिलोय पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मदद करता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण है। कई लोगों का मानना ​​है कि ताज़ा तैयार गिलोय का रस मधुमेह रोगियों के लिए चमत्कार कर सकता है। आपको बस इतना करना है कि तने और पत्तियों को एक साथ मिला लें। रस जैसा गाढ़ापन पाने के लिए थोड़ा पानी मिलाएँ। अब मिश्रण को एक गिलास में छान लें और इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएँ। प्रभावी परिणाम देखने के लिए सुबह सबसे पहले इसे पिएँ।

Photos from Ayur Sansthan's post 07/02/2025

Dietary Information For Diabetes Patients Approved By Department Of Endocrinology, Diabetes & Metabolism, Christian Medical College, Vellore

06/02/2025

Tulsi For Diabetes: तुलसी जिसे अंग्रेज़ी में होली बेसिल भी कहा जाता है, भारत में औषधी के साथ कई तरह से इस्तेमाल की जाती है। तुलसी की पत्तियां, बीज और यहां तक की डंठल का भी इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी की पत्तियां न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने का काम करती हैं, बल्कि यह खाने के गुणों को भी बढ़ाती हैं। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण कई बीमारियों के इलाज में काम आते हैं।

अमृत से कम नहीं है तुलसी
इसका उपयोग औषधी के रूप में सदियों से होता आ रहा है, लेकिन तुलसी डायबिटीज़ को मैनेज करने के लिए भी जानी जाती है। भारत में डायबिटीज़ एक लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है। यह शरीर में ब्लड शुगर के स्तर के बढ़ने की वजह से होती है। ज़्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट्स ब्लड शुगर के स्तर को मैनेज करने के लिए इस औषधी का सपोर्ट करते हैं।

तुलसी की पत्तियों को अपने उपचार गुणों के कारण अमृत माना जाता है। तुलसी के कई फायदों में कुछ सबसे आम बीमारियां को दूर करना, प्रतिरक्षा को मज़बूत करना, बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण से लड़ना शामिल है।

डायबिटीज़ के लिए तुलसी के पत्तों का उपयोग कैसे करें?
तुलसी के गुणों का फायदा उठाने के लिए आप रोज़ाना इसकी पत्तियों को चबा सकते हैं। आप तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर इसकी चाय या काढ़ा भी तैयार कर सकते हैं। पानी जब उबल जाए, तो इसे 2-3 मिनट के लिए ढक कर रख दें और फिर कप में छान कर निकाल लें। आप इसे रोज़ाना पी सकते हैं।
पानी में तुलसी की पत्तियों को कुछ देर भिगो कर रख दें और रात भर के लिए छोड़ दें। फिर सुबह उठकर सबसे पहले खाली पेट इस पानी को पिएं। आपकी तुलसी की पत्तियों का उपयोग खाने में भी कर सकते हैं।

06/02/2025

मस्तिष्क वैज्ञानिकों ने उस "गोंद" की खोज की है जो यादों को जीवन भर के लिए चिपकाये रखता है

06/02/2025

Brain scientists have discovered the "glue" that makes memories stick for a lifetime

06/02/2025

मनुष्य 430-790 THZ तक की आवृत्तियों को देख सकते हैं और 20 HZ-20 KHZ के बीच की ध्वनि को समझ सकते हैं। ये रेंज प्रकाश और ध्वनि के पूरे स्पेक्ट्रम का एक छोटा सा हिस्सा है - जिसका अर्थ है कि जो कुछ भी मौजूद है, वह हमारे लिए पूरी तरह से अदृश्य है।

06/02/2025

Humans can see frequencies from 430-790 THZ and perceive sound between 20 HZ-20 KHZ. These ranges are just a tiny portion of the entire spectrum of light and sound - meaning much of what exists is entirely invisible to us

06/02/2025

Diabetic Patients Full Day Diet Plan

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