Ashutosh ki sayri
sayri
65 वर्षीय शर्मा जी थे। उनकी दोस्ती एक सुंदर महिला से फेसबुक पर हो गयी।
गुड मॉर्निंग, nice pic , wow, से आगे कुछ बातें इनबॉक्स में भी होने लगी।
शर्मा जी खुश रहने लगे। रोज़ इधर उधर से फेसबुकिया फूल💐 भेज देते।
एक दिन उनके मन की हो गयी।
इनबॉक्स में नंबर मांग लिया महिला ने।
अब क्या था। व्हाट्सअप शुरू।
जनाब रोमांटिक मैसेज👨❤️👨 भेजने लगे।
अरे फेसबुक पर महिला आपकी पोस्ट लाइक भर कर ले तो आप स्वयं को शाहरुख खान के अवतार समझने लगते हो। और अगर इस उम्र में फ्रेंड रिक्वेस्ट आ जाये तो कहना ही क्या।
खैर...एक दिन महिला ने फ़ोन लगा लिया: "जल्दी आ जाओ..मेरे पति बाहर गए हैं।"
जनाब बिजली की स्पीड से पहुंच गए।
बात शुरू होने से पहले ही शर्मा जी ने पूछा: “तुम्हारे पति आ गए तो?”
महिला बोली: “नहीं आएंगे और अगर आ भी जाएं तो तुम कालीन साफ करने लगना, थोड़ी देर में चले जायेंगे। वरना टेबल , पंखे साफ करते रहना”
ये बात चल ही रही थी कि डोर बेल बज गई। पतिदेव आ गए।
जनाब शर्मा जी घबरा कर अपना रुमाल निकाल कर टेबल साफ करने लगे।
महिला ने झाड़ू , फटका, डस्टर , वाइपर ला कर पटक दिया।
“लो साफ करो”
पति ने पूछा "कौन है ये।”
पत्नी बोली।
सफाई के लिए हाउसकीपिंग कम्पनी ने भेजा है।
सफाई चलती रही। एक पुराने कप में सफाई वाले शर्मा जी को चाय☕ भी मिली
पंखे, खिड़कियों, कालीनों आदि की सफाई के बाद बुरी तरह थके हारे जनाब शर्मा जी बोले:
“जाऊं मैडम”.
क्योंकि पतिदेव तो खिसकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
मैडम बोली: ओके।
हस्बैंड ने कहा , “पैसे कितने देना है”
पत्नी मुस्कुराते हुए बोली
इनकी कंपनी में एडवांस जमा कर दिया था।
_बाहर निकलते ही शर्मा जी को उनके मित्र भटनागर साहब मिल गये और छूटते ही बोले.. कर आए सफाई शर्मा साहब... पिछले , साल मुझसे करवाई थी....🥴😃😜_
*फिलहाल शर्मा जी ने अब फेसबुक से दूरी बना ली है...* *_
📌दीवाली नजदीक है इसलिए सावधान रहें.. या फिर रुमाल लेकर सफाई करने के लिए तैयार रहें...जनहित में जारी_* 😃😃😃🤣🤣
दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं
संयुक्त परिवार में मर्यादा से रहना पड़ता है इसीलिए बहुएं चूल्हे बांटती हैं या पति को लेकर अकेले रहने लगती हैं...
पति काम पर और फिर मटरगस्ती शुरू...कौन है साला रोकने-टोकने वाला
बहू का जानने वाला ससुराल में कौन आ रहा है??
किसलिए और किस काम से आया है??
जो आया है वो घर के बड़े बुजुर्गो के साथ ही बैठेगा..!!
पढ़ें लिखे सभ्य सदस्यों वाली ससुराल में उल्टे सीधे कपड़े पहन नहीं सकती...
गैर मर्दों के साथ खिल खिलाकर, बुक्का फाड़कर हंस बोल नहीं सकती...
द्विअर्थी संवादों में मजाक नहीं कर सकती...
वक्त, बेवक्त और देर रात तक कहीं मटरगस्ती नहीं कर सकती हैं..!!
इन्हीं सब कारणों से कुछ बहुएं पहले चूल्हे बांटती है और रोज किसी ना किसी बात पर झगड़ा शुरू कर देती हैं...
पति भी परेशान और उसके घरवाले भी परेशान।
फिर एक दिन घरवालों को ही कहना पड़ता है कि जब बहू की घर में पटरी नहीं खा रही है तो इसको लेकर अलग रहने लगो और खुश रहो..!!
अब यदि पति, पत्नी का विरोध करता है तो यहीं से शुरू होते हैं झूठे घरेलू हिंसा के मुकदमे,
घर के बड़े बुजुर्गों पर शारीरिक शोषण का झूठा आरोप, मां और पति पर झूठे दहेज उत्पीड़न के मुकदमे..!!
ध्यान रहे कुंवारे लड़कों-
तुम्हें तुम्हारे भाइयों और माता-पिता से दूर करने वाली कुल्टा... हर त्यौहार और छुट्टियों में मायके बनी रहेगी और तुम से ही अपने मां-बाप की सेवा करवाएगी और खुद आजाद जिंदगी जिएगी..!!
कसम खा लो- यदि पत्नी के गलत बर्ताव के कारण मां को वृद्धाश्रम जाना पड़ रहा है तो लानत है आपकी मर्दानगी पर...उसे मायके का रास्ता दिखाएं और माता-पिता की उसी तरह सेवा करें जैसे उन्होंने आपके बचपन में आपकी देखभाल करी थी।।
80% मामलों में पत्नी की मां का बहुत बड़ा योगदान होता है... अपनी ही बेटी को उल्टी सीधी सलाहें देकर उसका घर उजाड़ने में....!!
पति पर झूठे मुकदमे करने वाली औरतों का टांका 100% बाहर भिड़ा रहता है...90% तो अपने ही रिश्तेदारों से या गांव में भईया चाचा से या कोचिंग वाले संग व्यस्त रहती है, शादी तो बस समाज को दिखाने के लिए और पति से धन ऐंठने के लिए ही करती हैं..!!
ऐसी औरतें शादी करके सबसे पहले पति को इस बात के लिए राज़ी करती हैं कि मैं भी गृहस्थी में आपके साथ हाथ बटाउंगी और मैं भी कोई काम-काज करूंगी...
ताकि उन्हें घर से बाहर निकलने का मौका मिले और वो अपने आशिकों से मिल-जुल सकें..!!
कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि
धन की भूखी लालची लड़कियां जहां काम करती हैं, वही अपने से बड़े कर्मचारी या अधिकारी पर ही डोरे डालने लगती हैं... जबकि वो अच्छी तरह जानती है कि वो भी शादीशुदा व्यक्ति हैं फिर भी...लगी रहती हैं उसको रिझाने में..
वो भी सिर्फ इसलिए ताकि तरक्की/प्रमोशन हो जाएं... मेरे पैसे बच जाएं और वो ही सारे मेरे शौक और ब्रांडेड कपड़े, मेकअप और घूमने फिरने का खर्च पूरे करें...!!
अपने फायदे के लिए किसी के भी साथ हमबिस्तर हो जाने पर इन्हें कोई अफसोस नहीं होता है....!!
बाकी गृहणियों की तरह इनकी सोच नही होती है क्योंकि इनको मर्यादा में रहना गंवार पन लगता है...!!
संस्कारी गृहणियों को ये गुलाम समझती हैं..!!
लिव इन रिलेशनशिप में रखैल बनकर रह लेंगी मगर इज्जत से ससुराल में नही रह पाएंगी क्यों कि... ससुराल में मर्यादा से रहना पड़ता है और बड़े-बुजुर्गों की रोक-टोक एवं हिदायतें सुननी पड़ती हैं..!!
बाकी सभी
घरेलू, गृहकार्य में दक्ष महिलाएं ही परिवार चला सकती है और सदैव सम्मान पाती हैं..!!
सभी संस्कारी माताओं और बहनों को सादर 🙏🌹
यदि किसी को मेरे लिखने से कोई आपत्ति है तो उनसे हम हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं लेकिन जो आज कल इस समाज में हो रहा है उसी को लिखा हूं _ आपका अपना आशुतोष पटेल
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