Namoh Clinic
Dr ABHISHEK SAXENA
Namoh Clinic is totally devoted to the nature and ancient system of medical (Ayurveda & panchkarma).Our herbal quality treatment and therapy's gives you benificial result and gives you better disease free life.
यहाँ टाइफाइड (Typhoid) के रोगियों के लिए एक संतुलित डाइट प्लान (Diet Plan in Hindi) दिया गया है — जो शरीर को जल्दी ठीक होने में मदद करता है 👇
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🩺 टाइफाइड के दौरान आहार के नियम
1. हल्का, सुपाच्य और तरल भोजन लें।
2. ज्यादा तेल, मसाले और तली हुई चीजों से बचें।
3. ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ पिएँ।
4. दिन में 5–6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं।
5. आराम ज्यादा करें और थकान से बचें।
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🌅 सुबह उठने के बाद (6:00–7:00 बजे)
• गुनगुना पानी + नींबू या नारियल पानी
• या फिर पतला फल जूस (सेब, पपीता या अनार)
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🍚 नाश्ता (8:00–9:00 बजे)
• सूजी की पतली खिचड़ी / दलिया
• या उबले आलू के साथ टोस्ट
• या पतला दही + केला
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🕛 दोपहर का खाना (12:30–1:30 बजे)
• मूंग दाल की खिचड़ी / अरहर दाल + नरम उबला चावल
• उबली हुई सब्जियाँ (जैसे लौकी, परवल, तोरी)
• पतला दही या छाछ
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🕒 शाम का नाश्ता (4:00–5:00 बजे)
• नारियल पानी / पतला सूप
• बिस्कुट (डाइजेस्टिव या मारी)
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🌇 रात का खाना (7:30–8:30 बजे)
• पतली दाल खिचड़ी या दलिया
• उबली सब्जियाँ
• या सब्जियों का सूप + टोस्ट
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🌙 सोने से पहले (9:30–10:00 बजे)
• हल्का गुनगुना दूध (बिना चीनी या बहुत कम चीनी के साथ)
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🚫 टाइफाइड में किन चीज़ों से बचें
• तली, मसालेदार और भारी भोजन
• मांस, मछली, अंडा (पहले 7–10 दिन तक)
• दूध से बनी मिठाइयाँ
• कच्चे फल-सब्जियाँ (संक्रमण का खतरा)
• ठंडे पेय और बाजार का खाना
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✅ टाइफाइड में फायदेमंद चीज़ें
• नारियल पानी
• उबला पानी
• सेब, पपीता, केला, अनार
• दाल खिचड़ी, दलिया
• हल्का सूप, दही
हार्ट अटैक -: भारत में 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे। नाम था महाऋषि वागवट जी उन्होंने एक पुस्तक लिखी, जिसका नाम है, अष्टांग हृदयम Astang hrudayam इस पुस्तक में उन्होंने बीमारियों को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखें थे। यह उनमें से ही एक सूत्र है। वागवट जी लिखते हैं कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब है कि रक्त blood में acidity अम्लता बढ़ी हुई है अम्लता आप समझते हैं, जिसको अँग्रेजी में कहते हैं acidity अम्लता दो तरह की होती है एक होती है पेट की अम्लता और एक होती है रक्त blood की अम्लता आपके पेट में अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट में जलन सी हो रही है, खट्टी खट्टी डकार आ रही हैं , मुंह से पानी निकल रहा है और अगर ये अम्लता acidity और बढ़ जाये तो hyperacidity होगी और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त में आती है तो रक्त अम्लता blood acidity होती है और जब blood में acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त blood दिल की नलियों में से निकल नहीं पाती और नलियों में blockage कर देता है तभी heart attack होता है इसके बिना heart attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है ! इलाज क्या है ? वागवट जी लिखते हैं कि जब रक्त (blood) में अम्लता (acidity) बढ़ गई है तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय हैं आप जानते हैं दो तरह की चीजें होती हैं अम्लीय और क्षारीय ! acidic and alkaline अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो क्या होता है ? acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है ? neutral होता है सब जानते हैं तो वागवट जी लिखते हैं कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (alkaline) चीजें खाओ ! तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी ! और रक्त में अम्लता neutral हो गई ! तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं ! ये है सारी कहानी ! अब आप पूछेंगे कि ऐसी कौन सी चीजें हैं जो क्षारीय हैं और हम खायें ? आपके रसोई घर में ऐसी बहुत सी चीजें है जो क्षारीय हैं जिन्हें आप खायें तो कभी heart attack न आए और अगर आ गया है तो दुबारा न आए यह हम सब जानते हैं कि सबसे ज्यादा क्षारीय चीज क्या हैं और सब घर मे आसानी से उपलब्ध रहती हैं, तो वह है लौकी जिसे दुधी भी कहते लौकी जिसे दुधी भी कहते हैं English में इसे कहते हैं bottle gourd जिसे आप सब्जी के रूप में खाते हैं ! इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है ! तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो या कच्ची लौकी खायो वागवट जी कहते हैं रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ज्यादा ताकत लौकी में ही है तो आप लौकी के रस का सेवन करें, कितना सेवन करें ? रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो कब पिये ? सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते हैं या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते हैं इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते हैं इसमें 7 से 10 पत्ते तुलसी के डाल लो तुलसी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते मिला सकते हैं पुदीना भी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले ये भी बहुत क्षारीय है लेकिन याद रखें नमक काला या सेंधा ही डाले वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है तो आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करें 2 से 3 महीने की अवधि में आपकी सारी heart की blockage को ठीक कर देगा 21 वें दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी घर में ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा और आपका अनमोल शरीर और लाखों रुपए आपरेशन के बच जाएँगे आपने पूरी पोस्ट पढ़ी , आपका बहुत बहुत धन्यवाद। सनातन धर्म सर्वश्रेष्ठ है
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पित्त की पथरी (Gallbladder Stone) की समस्या में खान-पान का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है। सही डाइट से दर्द, गैस और पथरी बढ़ने की समस्या को कम किया जा सकता है। नीचे आपके लिए एक सरल डाइट चार्ट दिया गया है:
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🥗 गॉलब्लैडर स्टोन के लिए डाइट प्लान (हिंदी में)
✅ सुबह उठते ही
• गुनगुना पानी
• 4–5 भीगे हुए बादाम या अखरोट
🍵 नाश्ता (Breakfast)
• दलिया/ओट्स/पोहे (कम तेल में)
• हरी सब्ज़ियों का सूप
• 1 कप ग्रीन टी या नींबू पानी
🥦 मिड-मॉर्निंग स्नैक्स
• पपीता, सेब, नाशपाती, अमरूद जैसे फल
• नारियल पानी
🍲 दोपहर का खाना (Lunch)
• 2 रोटी (मल्टीग्रेन या गेहूं)
• हरी सब्ज़ी (कम तेल व मसाले में बनी)
• मूंग दाल/अरहर दाल (पतली और हल्की)
• सलाद (खीरा, गाजर, चुकंदर)
☕ शाम का नाश्ता
• ग्रीन टी / हर्बल टी
• उबली हुई सब्ज़ियां या अंकुरित दाल
🍛 रात का खाना (Dinner)
• 2 रोटी या हल्की खिचड़ी
• सब्ज़ी (तोरी, लौकी, परवल, पालक, मेथी जैसी हल्की सब्ज़ियां)
• दाल/सूप
🌙 सोने से पहले
• गुनगुना हल्दी वाला दूध (लो-फैट)
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❌ किन चीज़ों से बचें (Avoid Foods)
• तैलीय, मसालेदार और तली हुई चीज़ें
• मांस, अंडा, अधिक तेल वाली सब्ज़ियां
• बेकरी प्रोडक्ट्स (केक, पेस्ट्री, बिस्किट)
• जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स
• ज्यादा चीनी और कोल्ड ड्रिंक्स
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✅ किन चीज़ों को प्राथमिकता दें (Include Foods)
• हरी सब्ज़ियां और सलाद
• मौसमी फल (पपीता, सेब, अमरूद, नाशपाती)
• ओट्स, दलिया, खिचड़ी
• नींबू पानी, नारियल पानी, हर्बल टी
• हल्की दाल और पतली रोटियां
जामुन के फायदे (
ामुन एक पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर फल है, जो खासकर गर्मियों में खाया जाता है। इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं:
✅ जामुन खाने के फायदे:
1. मधुमेह (डायबिटीज) में लाभकारी:
जामुन में जैंबोलिन (Jamboline) नामक तत्व होता है जो शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
2. पाचन तंत्र को मजबूत करता है:
जामुन खाने से कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या दूर होती है।
3. रक्त शुद्ध करता है:
यह खून को साफ करता है और त्वचा में निखार लाता है।
4. मसूड़ों और दांतों के लिए फायदेमंद:
जामुन की गुठली या पत्तियों से बना पाउडर मसूड़ों की सूजन और दांतों की समस्याओं में राहत देता है।
5. प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करता है:
इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं।
6. वजन घटाने में सहायक:
जामुन में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।
7. पेशाब की समस्याओं में राहत:
यह मूत्र विकारों में लाभकारी होता है और पेशाब की जलन को दूर करता है।
8. त्वचा संबंधी रोगों में लाभकारी:
जामुन का सेवन या उसका फेस पैक चेहरे की झाइयों और दाग-धब्बों को कम करता है।
गर्मियों में सत्तू खाने के फायदे (Benefits of Sattu in Summer in Hindi):
1. शरीर को ठंडक देता है
सत्तू का सेवन शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और गर्मी में लू से बचाने में मदद करता है।
2. ऊर्जा का स्रोत
सत्तू में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होते हैं, जिससे यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है।
3. पाचन में सहायक
सत्तू फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है।
4. हाइड्रेशन बनाए रखता है
सत्तू को पानी के साथ मिलाकर पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है।
5. वज़न नियंत्रित करता है
सत्तू लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वज़न कंट्रोल में रहता है।
6. ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
सत्तू का सेवन ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है, इसलिए यह डायबिटिक लोगों के लिए भी लाभकारी है।
7. स्किन के लिए फायदेमंद
सत्तू शरीर को डिटॉक्स करता है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार बनती है।
8. सस्ता और पौष्टिक विकल्प
सत्तू एक सस्ता, लेकिन अत्यधिक पौष्टिक आहार है जिसे रोजाना डाइट में शामिल किया जा सकता है।
10/04/2025
स्वस्थ दिल के लिए एक संतुलित आहार योजना अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ एक सुझावित आहार योजना है जो आपके दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है:
सुबह का नाश्ता:
- ओट्स या दलिया, जिसमें आप ताजे फल (जैसे केला या सेब) और एक चम्मच शहद मिला सकते हैं।
- एक गिलास ग्रीन टी या नींबू पानी।
मध्य-सुबह का नाश्ता:
- एक मुट्ठी भर बादाम या अखरोट।
- एक ताजे फल का सेवन (जैसे संतरा या अनार)।
दोपहर का भोजन:
- एक कटोरी दाल (जैसे मूंग या मसूर) और 1-2 रोटियाँ (जौ या बाजरा की)।
- हरी सब्जियाँ (जैसे पालक, ब्रोकली या गाजर)।
- एक कटोरी दही या छाछ।
शाम का नाश्ता:
- फल चाट (जैसे सेब, अनार, और पपीता)।
- एक कप हर्बल चाय (जैसे कैमोमाइल या पुदीना)।
रात का खाना:
- ब्राउन राइस या 2 रोटियाँ।
- चने या राजमा (हल्के मसालेदार)।
- सब्जी (जैसे लौकी या तोरी)।
सोने से पहले:
- एक गिलास गर्म दूध (हल्दी डालकर)।
महत्वपूर्ण सुझाव:
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ (जैसे मछली, चिया बीज, और अखरोट) का सेवन करें।
- नमक और चीनी का सेवन सीमित करें।
- प्रोसेस्ड फूड्स और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें।
- हाइड्रेटेड रहें और पर्याप्त पानी पिएं।
रूमेटाइड आर्थराइटिस के लिए एक संतुलित आहार योजना आपके लक्षणों को प्रबंधित करने और सूजन को कम करने में मदद कर सकती है। यहाँ एक सुझावित आहार योजना है:
सुबह का नाश्ता:
- ओट्स या दलिया, जिसमें आप कुछ ताजे फल (जैसे केला या सेब) और एक चम्मच शहद मिला सकते हैं।
- एक गिलास ग्रीन टी या अदरक की चाय।
मध्य-सुबह का नाश्ता:
- एक मुट्ठी भर अखरोट या बादाम।
- एक ताजे फल का सेवन (जैसे संतरा या अनार)।
दोपहर का भोजन:
- एक कटोरी दाल (जैसे मूंग या मसूर) और 1-2 रोटियाँ (जौ या बाजरा की)।
- हरी सब्जियाँ (जैसे पालक, ब्रोकली या गाजर)।
- एक कटोरी दही या छाछ।
शाम का नाश्ता:
- फल चाट (जैसे सेब, अनार, और पपीता)।
- एक कप हर्बल चाय (जैसे कैमोमाइल या पुदीना)।
रात का खाना:
- ब्राउन राइस या 2 रोटियाँ।
- चने या राजमा (हल्के मसालेदार)।
- सब्जी (जैसे लौकी या तोरी)।
सोने से पहले:
- एक गिलास गर्म दूध (हल्दी डालकर)।
महत्वपूर्ण सुझाव:
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ (जैसे मछली, चिया बीज, और अखरोट) का सेवन करें।
- प्रोसेस्ड फूड्स, तले हुए और मसालेदार खाद्य पदार्थों से बचें।
- हाइड्रेटेड रहें और पर्याप्त पानी पिएं। यह आहार योजना आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करेगी और सूजन को कम करने में मदद करेगी।
खजूर (Dates) एक पौष्टिक फल है और इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यहाँ कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं:
1. *ऊर्जा का स्रोत:* खजूर में प्राकृतिक शर्करा (जैसे ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, और सुक्रोज) होती है, जो तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। यह खासकर व्यायाम के बाद ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने में मददगार है।
2. *पाचन में सुधार:* खजूर में फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है और कब्ज से राहत देती है।
3. *दिल के लिए फायदेमंद:* खजूर में पोटेशियम और मैग्नीशियम होते हैं, जो दिल की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं और रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं।
4. *हड्डियों के लिए लाभकारी:* खजूर में कैल्शियम, फास्फोरस, और मैग्नीशियम होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
5. *प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना:* खजूर में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।
6. *वजन प्रबंधन:* खजूर का सेवन संतोषजनक होता है, जिससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जो वजन प्रबंधन में सहायक हो सकता है।
7. *त्वचा के लिए फायदेमंद:* खजूर में विटामिन C और D होते हैं, जो त्वचा को नमी प्रदान करते हैं और उसे स्वस्थ रखते हैं।
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