Biharilal prakritik aarogya sadan
A well organized and very good natural atmosphere for all Naturopathy and panchkarma treatment. it i
बिहारीलाल प्राकृतिक आरोग्य सदन
संचालित स्वर्गीय रामादेवी चैरिटेबल सेवा समिति रजिस्टर्ड रामबाग रोड कैथल गेट चंदौसी
डा० रविंद्र राठौर
SMO, BNYS
कभी-कभी हम अधूरी जानकारी के कारण फायदेमंद चीजों से वंचित रह जाते हैं एवं कुछ नुकसान भी उठाते हैं ।
प्राकृतिक चिकित्सा में इमरजेंसी व एक्सिडेंटल तथा केवल जरूरी ऑपरेशन के अलावा हर बीमारी का इलाज है ।
प्रत्येक रोग का ईलाज है पर प्रत्येक रोगी का नहीं( कियोंकि रोगी की संकल्पशक्ति व सहयोग भी काम करता है, स्वस्थ होने में)
जिसके लिए आहार से लेकर प्राकृतिक जड़ी बूटियों के उपयोग, शरीर को किस समय गरम वस्तु की आवश्यकता है व किस समय ठंडी चीज की आवश्यकता है जानना अत्यंत आवश्यक है । पूरे दिन की डाइट प्लान की योजना के अनुसार ही आप आहार ग्रहण करें ।
पंचकर्म, मढबाथ, स्टीम बाथ सन बाथ, कटि बाथ व अन्य प्रकार के स्नान से शरीर के अंदर व्याप्त रोगाणुओं को बाहर किया जाता है वर्तमान में कोलोन प्रक्रिया के द्वारा पेट व आंतों के अंदर जो गंदगी होती है उसको दूर किया जा सकता है।
यदि कोई डायबिटीज से ग्रसित है तब शरीर के अन्य अंगों पर भी उसका असर पड़ सकता है यह कहना गलत है कि डायबिटीज समाप्त नहीं हो सकती प्राकृतिक चिकित्सा इसका एक मात्र साधन है।
इन बातों पर अमल करें :-
१- चाय, काफी,मदिरा व धूम्रपान बिल्कुल ना करें इससे रक्तनलिया सुकडती है ब फैट का स्तर भी बढ़ जाता है।
२- वजन पर नियंत्रण रखें, जरूरत से ज्यादा वजन ब्लड शुगर की आशंका को बढ़ा देता है , ब्लड शुगर की जांच निरंतर अवश्य करवानी चाहिए ।
३-शरीर में इंसुलिन का निर्माण नहीं होने के कारण शुगर स्टार्च व भोजन को ऊर्जा में नहीं बदल पाता और ब्लड में ग्लूकोस इकट्ठा हो जाता है जिसका असर किडनी और आंखों पर पड़ता है।
भोजन में अधिक से अधिक अंकुरित अनाज सलाद के रूप में कच्ची सब्जियां और हरी सब्जी भोजन में लें।
जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, बेकरी के प्रोडक्ट ना लें।
प्राकृतिक चिकित्सा में मोटापा कम करना, घुटनों का दर्द तथा माइग्रेन, कब्ज, अल्सरेटिव कोलाइटिस, पैरालिसिस से ग्रसित मरीज का एकमात्र व सुचारू इलाज है
क्रोनिक (जीर्ण) रोगों के उपचार में आवासीय उपचार(indore) ही लाभ करता है, जिसमे आहार के साथ उपवास भी करवाते हैं, जैसे दुग्ध कल्प, छाछ कल्प, रसाहार, शहद पानी, सौंफ पानी आदि पर रखते हैं।
कृपया प्रातः रोजाना योगा व प्राणायाम अवश्य करें आहार को संतुलित एवं नियमित करें।
स्वस्थ रहें, सुखी रहें।
It is Naturopathy Yoga and panchkarma hospital
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