Sayari sed
Sayar Mishra ji
*कितनी गहराई है इन दो बातों में… 🤔💭*
कि *पुरुष* इतना *आज़ाद* है 💼
की *चाह* कर भी *नौकरी* नहीं छोड़ *सकता…* 🔗😔
और *स्त्रियां* इतनी *बंदिशों* में है
कि *नौकरी* करने को ही *आज़ादी* समझ बैठी… 🕊️🙂
सरे बाजार नहीं निभा पाता मैं इश्क़
यकीं मानों , मैं पुराने जमाने का आशिक हूंँ
“टूट कर चाहा था तुम्हें,
और तोड़ कर रख दिया तुमने मुझे…
अब किसी और से क्या शिकवा करें,
जब अपनी ही पसंद ने रुला दिया हमें…”
20/03/2026
“टूट कर चाहा था तुम्हें,
और तोड़ कर रख दिया तुमने मुझे…
अब किसी और से क्या शिकवा करें,
जब अपनी ही पसंद ने रुला दिया हमें…”
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Nashik Road Station
Mumbai
422101
