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18/04/2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 8:30 PM पर देश को संबोधित करेंगे!
08/03/2026
भारत ने न्यूज़ीलैंड को 96 रनों से हराकर जीता टी-20 विश्व कप, बना विश्व विजेता
अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित किया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम का प्रदर्शन शुरुआत से ही दमदार रहा।
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 255 रन पर 5 विकेट का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ में खेलते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
भारत की ओर से संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 89 रन की तूफानी पारी खेली। उनके साथ अभिषेक शर्मा ने 52 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी, जबकि ईशान किशन ने 54 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। अंतिम ओवरों में शिवम दुबे ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए 8 गेंदों में 26 रन जोड़े और भारत को 255 के बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। कीवी टीम की शुरुआत ही खराब रही और लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
न्यूजीलैंड की पूरी टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से टिम सीफर्ट ने सर्वाधिक 52 रन बनाए, जबकि डेरिल मिशेल ने 27 और रचिन रवींद्र ने 21 रन का योगदान दिया। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
भारत की ओर से गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और न्यूजीलैंड की पारी को संभलने का मौका नहीं दिया।
इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन पर मुहर लगा दी। भारत की जीत की खबर मिलते ही पूरे देश में जश्न का माहौल बन गया और क्रिकेट प्रेमियों ने पटाखे फोड़कर, मिठाइयां बांटकर और तिरंगा लहराकर इस ऐतिहासिक जीत का उत्सव मनाया।
08/03/2026
त्याग, पीड़ा और प्रेम की वह कहानी जिसे दुनिया अक्सर पढ़ती तो है, समझती कम है
मानव सभ्यता के इतिहास में यदि किसी शक्ति ने सबसे अधिक चुपचाप त्याग किया है, सबसे अधिक दर्द सहा है और फिर भी सबसे अधिक प्रेम बांटा है, तो वह नारी है। दुनिया की हर सुबह किसी मां की प्रार्थना से शुरू होती है और हर रात किसी स्त्री की चिंता में खत्म होती है, लेकिन विडंबना यह है कि जिस स्त्री के त्याग से घर रोशन रहता है, उसकी पीड़ा को अक्सर शब्द भी नहीं मिलते।
एक लड़की जब इस दुनिया में जन्म लेती है, तभी से उसके जीवन की यात्रा शुरू हो जाती है. एक ऐसी यात्रा जिसमें सपने भी होते हैं और अनगिनत परीक्षाएं भी। बचपन में वह अपने पिता की उंगली पकड़कर चलना सीखती है, मां की गोद में सुरक्षित महसूस करती है, और आंखों में अनगिनत सपने लेकर बड़ी होती है। उसे लगता है कि दुनिया बहुत सुंदर है, लेकिन धीरे-धीरे वह समझने लगती है कि यह दुनिया उसके लिए उतनी सरल नहीं है जितनी वह बचपन में समझती थी। समय बीतता है और वही लड़की धीरे-धीरे अपने सपनों से समझौते करना सीख जाती है। कभी परिवार की जिम्मेदारियों के कारण, कभी समाज की अपेक्षाओं के कारण, तो कभी उन अनकहे नियमों के कारण जिन्हें उसने कभी बनाया ही नहीं था। वह मुस्कुराती जरूर है, लेकिन उसके भीतर कई बार ऐसे दर्द छिपे होते हैं जिन्हें वह किसी से कह भी नहीं पाती।
एक मां का जीवन तो त्याग की सबसे बड़ी मिसाल होता है। वह अपने हिस्से की खुशियां, अपने आराम, अपने सपने सब कुछ अपने बच्चों की मुस्कान पर कुर्बान कर देती है। रात भर जागकर बच्चे को संभालने वाली मां सुबह उसी थकी आंखों के साथ फिर पूरे परिवार के लिए खड़ी हो जाती है। उसे कोई पुरस्कार नहीं मिलता, कोई मंच नहीं मिलता, लेकिन उसके त्याग से ही परिवार की नींव मजबूत होती है। एक बेटी अपने माता-पिता के घर में हंसी की तरह होती है। उसका जाना केवल एक विवाह नहीं होता, बल्कि एक घर की धड़कनों का बदल जाना होता है। वह जिस घर में जन्म लेती है, उसे छोड़कर एक नए घर में चली जाती है, जहां उसे फिर से खुद को साबित करना पड़ता है। अपने बचपन की यादों को पीछे छोड़कर वह नए रिश्तों को अपनाती है, और हर बार खुद को थोड़ा-थोड़ा बदलती जाती है।
एक पत्नी के रूप में वह अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा परिवार को संवारने में लगा देती है। कई बार वह अपनी इच्छाओं को चुपचाप दिल में ही दबा देती है ताकि घर की खुशियां बनी रहें। कठिन परिस्थितियों में भी वह परिवार के लिए हिम्मत की तरह खड़ी रहती है, चाहे खुद के आंसू उसे अंदर ही अंदर क्यों न तोड़ रहे हों। गांव की उन अनगिनत महिलाओं को याद कीजिए जो सुबह सूरज निकलने से पहले उठ जाती हैं। खेतों में काम करती हैं, घर संभालती हैं, बच्चों को पालती हैं और फिर भी उनके हिस्से में अक्सर पहचान नहीं आती। उनके हाथों की दरारों में मेहनत की कहानी छिपी होती है और उनकी आंखों में वह मौन संघर्ष, जिसे शायद ही कोई समझ पाता है।
फिर भी आश्चर्य की बात यह है कि इतनी पीड़ा और कठिनाइयों के बावजूद स्त्री के दिल में प्रेम कम नहीं होता। वह टूटती है, फिर भी दूसरों को संभालती है। वह रोती है, फिर भी मुस्कुराकर सबका हौसला बनती है। वह थकती है, लेकिन परिवार के लिए हर दिन फिर खड़ी हो जाती है। आज जब दुनिया महिला सशक्तिकरण की बात करती है, तब हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हर महान समाज की नींव में किसी न किसी स्त्री का त्याग और संघर्ष छिपा होता है। अगर स्त्री मजबूत है तो परिवार मजबूत है, समाज मजबूत है और देश भी मजबूत है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें केवल यह नहीं सिखाता कि महिलाओं का सम्मान करें, बल्कि यह भी सिखाता है कि उनके त्याग को समझें, उनकी पीड़ा को महसूस करें और उनके सपनों को भी उतना ही महत्व दें जितना हम अपने सपनों को देते हैं। क्योंकि सच तो यह है कि अगर इस दुनिया में नारी न होती, तो जीवन केवल अस्तित्व होता—उसमें ममता, संवेदना और प्रेम की वह गर्माहट कभी नहीं होती जो इस संसार को रहने लायक बनाती है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
07/03/2026
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा, आज से लागू हुए नए दाम
नई दिल्ली। आम लोगों की रसोई पर महंगाई का एक और झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 7 मार्च से पूरे देश में लागू हो गई हैं।
राजधानी दिल्ली में अब घरेलू गैस सिलेंडर 853 रुपये की जगह 913 रुपये में मिलेगा। कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देशभर में उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए अधिक भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स और परिवहन खर्च के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
तेल कंपनियों के अनुसार यह बढ़ोतरी पूरे देश में एक साथ लागू की गई है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अन्य बड़े शहरों में भी सिलेंडर के दाम करीब 60 रुपये तक बढ़े हैं। नई दरों के बाद मुंबई में घरेलू सिलेंडर लगभग 912.50 रुपये, कोलकाता में करीब 939 रुपये और चेन्नई में लगभग 928.50 रुपये के आसपास पहुंच गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आयातित गैस की लागत बढ़ने के कारण घरेलू एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है। पिछले कुछ समय से कच्चे तेल और गैस के दामों में बढ़ोतरी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।
इसके साथ ही मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव का असर भी वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी आने से इसका प्रभाव भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
कीमतों में बढ़ोतरी का असर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़े हुए दामों के बाद आम परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों और अन्य लागतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर एलपीजी सिलेंडर के दामों में संशोधन करती रहती हैं। अब नई बढ़ोतरी के साथ घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर 60 रुपये अधिक खर्च करने होंगे।
06/03/2026
तीसरे बच्चे पर ₹25,000 का प्रोत्साहन, आंध्र प्रदेश सरकार लाएगी नई जनसंख्या प्रबंधन नीति
अमरावती। आंध्र प्रदेश में घटती प्रजनन दर को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में देश की पहली व्यापक ‘जनसंख्या प्रबंधन नीति’ का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य में जन्म दर लगातार कम हो रही है और भविष्य में इसका असर आर्थिक विकास और श्रमशक्ति पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार परिवारों को अधिक बच्चों के लिए प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है।
प्रस्तावित नीति के तहत दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवारों को ₹25,000 की आर्थिक सहायता देने की योजना है। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को अधिक बच्चों के लिए प्रेरणा मिलेगी और राज्य में गिरती जन्म दर को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में कुल प्रजनन दर (TFR) लगभग 1.5 तक गिर चुकी है, जबकि जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए आदर्श दर 2.1 मानी जाती है। यदि जन्म दर इसी तरह घटती रही तो आने वाले वर्षों में राज्य को कामकाजी आबादी की कमी और बुजुर्ग जनसंख्या बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार की इस प्रस्तावित नीति में आर्थिक प्रोत्साहन के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी शामिल करने की योजना है। इनमें तीसरे बच्चे वाले परिवारों को कुछ वर्षों तक मासिक आर्थिक सहायता, बच्चों को सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा, और परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं। इसके साथ ही महिलाओं के लिए बेहतर मातृत्व सुविधाएं, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और चाइल्ड-केयर सेंटर जैसी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें 12 महीने तक का मातृत्व अवकाश और दो महीने का पितृत्व अवकाश देने का सुझाव शामिल है, ताकि माता-पिता बच्चों की देखभाल के लिए पर्याप्त समय दे सकें।
राज्य सरकार का कहना है कि इस नीति का मसौदा अभी प्रस्ताव के रूप में रखा गया है। इसे अंतिम रूप देने से पहले विशेषज्ञों और आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद इसे लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
06/03/2026
अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी
वाशिंगटन/नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट प्रदान की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को यह अनुमति दी है कि वे उन रूसी तेल खेपों से जुड़े लेन-देन पूरे कर सकें जो पहले से समुद्र में परिवहन के दौरान फंसी हुई हैं।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यह कदम वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बनाए रखने और अचानक पैदा हो सकने वाली ऊर्जा संकट की स्थिति को टालने के लिए उठाया गया है। ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट सीमित अवधि के लिए दी गई है और इसका उद्देश्य पहले से भेजे जा चुके तेल कार्गो से जुड़े वित्तीय लेन-देन को पूरा करने की अनुमति देना है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह एक जानबूझकर अपनाया गया अल्पकालिक उपाय है, जिससे रूस की सरकार को कोई विशेष आर्थिक लाभ नहीं होगा। इस अनुमति के तहत केवल उन्हीं तेल खेपों के भुगतान और खरीद की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी जो पहले से समुद्र में मौजूद हैं और जिनका सौदा पहले हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच यह फैसला लिया गया है। ऐसे हालात में यदि समुद्र में मौजूद तेल कार्गो की आपूर्ति बाधित होती, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता था।
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में से एक है और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से रियायती दरों पर बड़ी मात्रा में तेल खरीदा है। मौजूदा परिस्थिति में अमेरिका की यह 30 दिन की अस्थायी छूट भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल आपूर्ति को संतुलित रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि यह राहत केवल सीमित समय के लिए है और आगे की स्थिति अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार तय होगी।
05/03/2026
भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में बनाई जगह
मुंबई। आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम निर्धारित ओवरों में 246 रन ही बना सकी।
भारत की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में 89 रन की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए। इसके अलावा शिवम दुबे ने 25 गेंदों में 43 रन बनाए, जबकि हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने भी अंत के ओवरों में तेजी से रन जोड़कर भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया।
254 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भी जोरदार संघर्ष किया। इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 45 गेंदों में शतक जड़ दिया और मैच को बेहद रोमांचक बना दिया। उनकी आक्रामक पारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम जीत के काफी करीब पहुंच गई थी।
हालांकि अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड की टीम 246 रन ही बना सकी और भारत ने यह मुकाबला 7 रन से जीत लिया।
इस जीत के साथ ही भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब 8 मार्च को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा, जिसे लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है।
04/03/2026
ईरान-इजरायल तनाव का असर: कतर ने रोकी गैस लिक्विफैक्शन गतिविधियां, भारत में CNG-PNG महंगी होने के संकेत
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ऊर्जा बाजार पर भी बड़ा असर देखने को मिल रहा है। ईरान-इजरायल टकराव के बीच कतर ने अपने गैस लिक्विफैक्शन ऑपरेशन अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है।
कतर वैश्विक एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) बाजार का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। ऐसे में वहां उत्पादन और प्रोसेसिंग गतिविधियों के ठप होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, एक बार प्लांट बंद होने के बाद दोबारा संचालन शुरू करना आसान नहीं होता और इसे पूरी क्षमता तक पहुंचने में भी कई दिन से लेकर हफ्तों तक का समय लग सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर सीधे भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर पड़ सकता है। भारत अपनी कुल एलएनजी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से खरीदता है, जो सालाना करीब 2.7 करोड़ टन के आसपास है। यदि सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो घरेलू गैस बाजार में दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही में भी बाधा की खबरें सामने आई हैं। इसके चलते गैस की उपलब्धता में करीब 40 प्रतिशत तक कमी आने की आशंका जताई जा रही है।
भारत में आयातित एलएनजी को प्रोसेस करके ही सीएनजी और पीएनजी के रूप में शहरों और उद्योगों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में सप्लाई में कमी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने भी संकेत दिया है कि यदि मौजूदा हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो आने वाले समय में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव यदि लंबा खिंचता है, तो इसका असर केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी गहरा पड़ सकता है।
04/03/2026
दुनिया में युद्ध भड़काकर उभरती शक्तियों को रोकना चाहता है अमेरिका : ईरान
तेहरान। ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जानबूझकर संघर्ष और युद्ध की स्थिति पैदा कर रहा है। ईरानी नेतृत्व का दावा है कि अमेरिका ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि भारत, चीन और रूस जैसी उभरती वैश्विक शक्तियों के प्रभाव और आर्थिक-रणनीतिक विकास को रोका जा सके।
ईरान के अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लगातार भड़क रहे संघर्षों के पीछे भी अमेरिका की नीतियां जिम्मेदार हैं। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देकर अपने राजनीतिक और सैन्य हितों को साधने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह टकराव नहीं, बल्कि सम्मानजनक शर्तों पर संवाद और कूटनीतिक समाधान चाहता है। ईरानी सरकार ने कहा कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी वास्तविक शांति चाहते हैं तो उन्हें तनाव बढ़ाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ती आक्रामक नीतियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बड़े देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण वैश्विक राजनीति में नए शक्ति संतुलन की स्थिति बनती जा रही है।
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