Shashiraj Prakrtik Evm Yog Chikitisa kendra
नए पुराने समस्त बीमारियों का इलाज होता है
03/07/2023
09/05/2022
🙏 नमस्कार मित्रों 🙏
आजकल विज्ञापनों की दुनिया ने लोगो को ऐसा भर्मित कर दिया है कि वो ये नही समझ पाते कि उनके लिए सही क्या है ? सभी ब्रांड स्वयंभू होते जा रहे है और अपने उत्पाद का स्वयं ही गुणगान करते है, ऐसा दर्शाते हैं जैसे उनका उत्पाद स्वर्ग में निर्मित है और देवताओं ने स्वयं इसे बनाया है। वे पारंपरिक नाश्ते के विकल्पों से बेहतर होने का भी दावा करते हैं। और क्योंकि वे घर के बने भोजन की तुलना में अधिक सुविधाजनक होते हैं इसलिये हम उनके खोखले दावो के मकड़जाल में फंस कर उनका दिल खोल कर इस्तेमाल करते है।
लेकिन हम ये भूल जाते है कि प्रोसेस्ड फ़ूड में preservatives के साथ-साथ अत्यधिक शर्करा होता है क्योकि ऐसे उत्पाद preservatives व शर्करा की उपस्थिति के कारण ही लम्बे समय तक बरकरार रह पाते हैं।
शर्करा यानि चीनी भी भरपूर ?
हां! फल और अखरोट के स्वाद के विकल्प शर्करा से भरे होते हैं जो उन्हें बनाए रखते हैं। केलॉग्स ग्रेनोला एक ऐसा भोजन है जिसे विज्ञापनों के जरिये एक दैविक भोजन के रूप पेश किया जाता है। लेकिन मेरा मानना है कि किसी हानिकारक उत्पाद में फेयरी विंग्स जोड़ने से वह परी नहीं बन जाता।
आइए इसकी तह तक जाएं।
100 ग्राम केलॉग्स ग्रेनोला में 445 किलोकैलोरी, 18 ग्राम चीनी, 16 ग्राम वसा और सिर्फ 5 ग्राम फाइबर होता है। इसमें अत्याधिक चीनी और वसा है और खुद को स्वस्थ कहने के लिए बहुत कम फाइबर है।
आइए अब दादी माँ के ख़ज़ाने की सामग्री पर एक नज़र डालते हैं।
दलिया●●●●●●●●●●●●●●●
दलिया के 100 ग्राम, आपको 359 किलोकैलोरी, 1.04 ग्राम वसा, 0.12 ग्राम चीनी और 13.48 ग्राम फाइबर के साथ-साथ नीचे दर्शाये गए कई लाभ प्रदान करता है।
1. वजन घटाने में मदद करता है दलिया फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है, जो आपको लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है इसलिए आपको बार-बार फ्रिज में नहीं जाना पड़ता है। 2. चयापचय को बढ़ाता है मैग्नीशियम, विटामिन बी6, आयरन, पोटैशियम और प्रोटीन की अच्छाइयों से भरपूर जो आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। 3. पाचन में मदद करता है भूले नहीं, फाइबर के कारण दलिया अपच और कब्ज में भी मदद करता है।
4. एक मधुमेह रोगी का सबसे अच्छा दोस्त दलिया ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है।
5. त्वचा को स्वस्थ रखता है अपने विरोधी भड़काऊ गुणों के कारण, दलिया त्वचा की समस्याओं से भी निपटने में मदद करता है।
अतः आज से ही दलिया का सेवन आरम्भ कर दीजिए और पाइये स्लिम फिट बॉडी और चेहरे पर जादुई चमक।
🙏धन्यवाद आपका दिन शुभ और मंगलमय रहे ...🙏
डॉ. शशिवाला एवं
डॉ. राज कुमार शर्मा
(प्राकृतिक चिकित्सक)
शशिराज प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा केंद्र,
बेली रोड, कलिकेत नगर, दानापुर, पटना
🙏नमस्कार मित्रों🙏
सौंफ --
सौंफ त्रिदोषनाशक है. इस की तासीर ठंडी है , पर यह जठराग्नि को मंद नहीं करती - आंखों की रोशनी सौंफ का सेवन करके बढ़ाया जा सकता है। सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लीजिए। इससे आंखों की रोशनी बढती है।
- सौंफ खाने से पेट और कब्ज की शिकायत नहीं होती। सौंफ को मिश्री या चीनी के साथ पीसकर चूर्ण बना लीजिए, रात को सोते वक्त लगभग 5 ग्राम चूर्ण को हल्केस गुनगने पानी के साथ सेवन कीजिए। पेट की समस्या नहीं होगी व गैस व कब्ज दूर होगा।
- डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए। सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है।
- खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से खाना अच्छे से पचता है। सौंफ, जीरा व काला नमक मिलाकर चूर्ण बना लीजिए। खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लीजिए, यह उत्तम पाचक चूर्ण है।
- अगर आप चाहते हैं कि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर न बढ़े तो खाने के लगभग 30 मिनट बाद एक चम्मच सौंफ खा लें।
- आधी कच्ची सौंफ का चूर्ण और आधी भुनी सौंफ के चूर्ण में हींग और काला नमक मिलाकर 2 से 6 ग्राम मात्रा में दिन में तीन-चार बार प्रयोग कराएं इससे गैस और अपच दूर हो जाती है।
- भूनी हुई सौंफ और मिश्री समान मात्रा में पीसकर हर दो घंटे बाद ठंडे पानी के साथ फँकी लेने से मरोड़दार दस्त, आँव और पेचिश में लाभ होता है। यह कब्ज को दूर करती है। के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
- बादाम, सौंफ और मिश्री तीनों बराबर भागों में लेकर पीसकर भर दें और रोज दोनों टाइम भोजन के बाद 1 टी स्पून लें। इससे स्मरणशक्ति बढ़ती है।
- दो कप पानी में उबली हुई एक चम्मच सौंफ को दो या तीन बार लेने से कफ की समस्या समाप्त होती है। अस्थमा और खांसी में सौंफ सहायक है। कफ और खांसी के इलाज के लिए सौंफ खाना फायदेमंद है।
- गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होता है।
- सौंफ को अंजीर के साथ खाएँ और खाँसी व ब्रोन्काइटिस को दूर भगाएँ।
- गर्मियों में सौंफ को गला कर सेवन करने से ठंडक मिलती है। सौंफ के पावडर को शकर के साथ बराबर मिलाकर लेने से हाथों और पैरों की जलन दूर होती है।
- यह शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है।एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबलने दें और 20 मिनट तक इसे ठंडा होने दें। इससे शिशु के कॉलिक का उपचार होने में मदद मिलती है। शिशु को एक या दो चम्मच से ज्यादा यह घोल नहीं देना चाहिए।
- जो लोग कब्ज से परेशान हैं, उनको आधा ग्राम गुलकन्द और सौंफ मिलाकर दूध के साथ रात में सोते समय लेना चाहिए। कब्ज दूर हो जाएगा।
- इसे खाने से लीवर ठीक रहता है। इससे पाचन क्रिया ठीक रहती है।
- रोजाना सुबह-शाम खाली सौंफ खाने से खून साफ होता है जो कि त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इससे त्वचा में चमक आती है।
- रोजाना दाल और सब्जी के तडके में सौंफ भी डाले.
- यदि बारबार मुंह में छाले हों तो एक गिलास पानी में चालीस ग्राम सौंफ पानी आधा रहने तक उबालें। इसमें जरा सी भुनी फिटकरी मिलाकर दिन में दो तीन बार गरारे करें।
🙏 धन्यवाद आपका दिन शुभ और मंगलमय रहे ...🙏
डॉ. शशिवाला एवं
डॉ. राज कुमार शर्मा
(प्राकृतिक चिकित्सक)
शशिराज प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा केंद्र,
बेली रोड, कलिकेत नगर, दानापुर, पटना
05/05/2022
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