Ratnakar Ayurved
“Authentic Ayurvedic & Millet-based Wellness | Trusted since 2019 | Home of Urjaskar Paye – The Immunity Green Tea (kwath)”
15/07/2025
🌿 प्राकृतिक जीवन बनाम आधुनिक जीवन – एक सोचने योग्य अंतर 🌿
Ratnakar Ayurveda द्वारा प्रस्तुत
“जब जीवन प्रकृति के समीप था, तब आरोग्यता सहज थी। अब जीवन कृत्रिम हो चला है, और रोग हमारे साथ।”
प्राचीन समय में जीवन "प्रकृति आधारित" था – दिनचर्या सूरज के साथ चलती थी, आहार ऋतुओं के अनुसार होता था, और नित्य विहार (दैनिक शारीरिक श्रम) जीवन का अभिन्न हिस्सा था।
📵 तब न मोबाइल थे, न टावर की रेडिएशन – आज मोबाइल और टावरों की वजह से न केवल मानव, बल्कि पक्षी जैसे जीव भी संकट में हैं। कई प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।
🚰 जल की प्रचुरता थी, और उसका सेवन शुद्ध जलाशयों से होता था। अब हम जल को RO से "शुद्ध" करने लगे हैं, जबकि उसमें से जीवनदायी मृत्तिका तत्व ही नष्ट हो जाते हैं।
🏋️ श्रम था जीवन का अंग – खेतों में काम, पैदल चलना, हाथ से कार्य करना। अब हर कार्य स्वचालित हो गया है, जिससे शरीर निष्क्रिय और रोगग्रस्त होता जा रहा है।
🏙️ नगर अब कंक्रीट के जंगल बन चुके हैं, जहाँ शुद्ध वायु, जल और प्राकृतिक आहार दुर्लभ होता जा रहा है।
☠️ वातावरण दूषित, मन विचलित, शरीर रुग्ण – यही है आज का यथार्थ।
🧠 आयुर्वेद कहता है:
"हितभुक् मितभुक् ऋतुभुक् च" — जो व्यक्ति हितकारी, सीमित मात्रा में और ऋतु अनुसार भोजन करता है, वह स्वस्थ रहता है।
📉 प्राचीन भारत में औसत आयु 100 वर्ष मानी जाती थी, अब यह 65-70 वर्ष तक सिमट गई है। क्यों?
क्योंकि हमने प्रकृति, परंपरा और पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) से दूरी बना ली है।
✨ अब समय है लौटने का…
🚶♀️ अपने दिन की शुरुआत सूर्योदय से करें
🥗 सत्विक भोजन लें
🌿 हर्बल उत्पादों का उपयोग करें
🧘♂️ प्राणायाम और योग को अपनाएं
🍃 और आयुर्वेद को जीवनशैली बनाएं
🌱 Ratnakar Ayurveda – प्रकृति की ओर लौटने की एक पहल।
14/07/2025
🌿 🌸 Sacred Sawan Diet According to Ayurveda & Ancient Wisdom 🌸
📿 Wishes from Malhaar – The Soul of Ancient Indian Wellness
🕉️ श्रावण मासे विशेषं ध्यानम्
Shravan (Sawan) is not just a holy month of Lord Shiva but also a divine opportunity to align your body, mind & soul with nature — just as our ancestors did.
🌧️ With monsoon rains, digestion weakens and Agni (digestive fire) becomes unstable. Ayurveda recommends satvik, light, and hydrating foods this month.
🪔 Sawan Diet According to Ayurveda:
🍚 Light Grains – Old rice, barley, and millets like ragi, kodo, samvat are ideal.
🥛 Milk & Ghee – Pure cow milk, buttermilk (takra), and ghee balance vata-pitta.
🌿 Green leafy vegetables – Especially patah (amaranth), moringa leaves, curry leaves.
🍯 Avoid too much salt, sour curd, meat, fried & fermented food – They disturb doshas.
🍓 Eat seasonal fruits – Jamun, pomegranate, bel, figs.
🧘♀️ Fasting on Mondays (सावन सोमवार व्रत) brings mental clarity and spiritual strength.
📖 Sanskrit Shloka:
"नातिस्निग्धं न रूक्षं च, नात्युष्णं न शीतलम्।
हितं मितं समाशी स्याद्, अन्नं बलमुत्तमम्॥"
— Charaka Samhita
👉 "The food should not be too oily or too dry, not too hot nor too cold. The right food is that which is wholesome, moderate and nourishing."
🕉️ Why Sawan is Spiritually Powerful
Shravan is dedicated to Lord Shiva, the ultimate Yogi. During this month, herbs and air are naturally more charged with prana (life energy). That’s why Ayurvedic fasting, herbal tonics, and mindful eating enhance both physical and spiritual health.
🔱 "मांसं त्यजेदसावमेधं, जपं कुर्यात्सदा हरिम्"
👉 In ancient times, meat, onion, garlic were completely avoided — replaced by fruits, roots, and sattvic herbs.
🌸 Wishes from Malhaar – Let food be your ritual this Sawan.
🪔 "Celebrate Shravan with purity, simplicity, and ancient Indian tradition."
Stay connected with Ratnakar Ayurveda for herbal wisdom, millet lifestyle, and sacred nutrition.
🌍 To our beloved followers in Mauritius, Singapore, Fiji, Nepal and across the globe – let's revive our roots together.
11/07/2025
🌿 दिनचर्या: एक संतुलित जीवन का रहस्य 🌿
Presented by Ratnakar Ayurveda | Brand: Malhaar
🕰️ ब्राह्म मुहूर्त जागरण (4:30 – 5:30 AM)
"ब्राह्मे मुहूर्ते उत्तिष्ठेत् स्वस्थो रक्षार्थमायुषः॥"
सुबह जल्दी उठने से शरीर, मन और आत्मा तीनों में संतुलन आता है।
💧 दिन की शुरुआत करें: ताँबे के लोटे से पानी पीकर
यह शरीर को डिटॉक्स करता है और पाचनतंत्र को जाग्रत करता है।
🚶♂️ हल्की व्यायाम, प्राणायाम, और सूर्य नमस्कार करें
शरीर में ऊर्जा, रक्त संचार और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
🍽️ सात्त्विक भोजन को अपनाएं
🌾 जौ, रागी, कोदो, कुटकी जैसे प्राचीन मिलेट्स लें
🥦 मौसमी सब्जियां, देसी गाय का घी और हल्का पका हुआ भोजन
❌ तला-भुना, पैकेट वाला या फ्रीज़ में रखा खाना न खाएं
🕯️ दोपहर के बाद सोने से बचें, इससे मन्दाग्नि और कफ दोष बढ़ता है।
🌇 सूर्यास्त के बाद भोजन न करें
रात्रि को हल्का सुपाच्य भोजन ही लें जैसे की खिचड़ी, मूँग दाल, या सूप।
🛏️ सोने का समय: रात 9:30 - 10:00 बजे तक
“निद्रा न केवल शरीर को विश्राम देती है, अपितु मानसिक शांति भी प्रदान करती है।”
सोने से पहले गुनगुना दूध और पद्मासन में 5 मिनट ध्यान अवश्य करें।
✨ "जीवनशैली बदलिए, जीवन बदल जाएगा..."
💚 अपने दैनिक जीवन में आयुर्वेद को अपनाएं — स्वस्थ रहें, संतुलित रहें।
📢 हमारे Malhaar ब्रांड के प्राचीन अनाज, हर्बल चूर्ण, और औषधीय पेय जैसे "Urjaskar Paye", Triphala, Moringa Powder को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
📞 संपर्क करें: +91-9431007235
🌐 www.ratnakarayurved.com
📍 Ratnakar Ayurveda and Herbal
05/07/2025
🌿 मल्हार के साथ स्वस्थ जीवन — केवल आहार नहीं, जीवनशैली भी बदलिए! 🌿
रतनाकर आयुर्वेद एवं मल्हार परिवार द्वारा एक आवश्यक संदेश
"सर्वं द्रव्यं पवित्रं स्यात् यदा स्वास्थ्यमनुव्रजेत्।
स्वास्थ्यमूलं पुनस्तत्र आहारः परिकीर्तितः॥"
— आयुर्वेद
अर्थात् — हर द्रव्य तभी पवित्र है जब वह स्वास्थ्य का आधार बने, और आहार ही स्वास्थ्य का मूल है। पर केवल अच्छा आहार ही पर्याप्त नहीं, जीवनशैली भी वैसी ही होनी चाहिए।
🌿 मल्हार आपको प्राकृतिक, पोषक और आयुर्वेदिक आहार देता है, जैसे कि बाजरा, रागी, मुरुंडा, मोरिंगा, त्रिफला आदि।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि अगर जीवनशैली वैसी नहीं होगी तो इनका पूरा लाभ नहीं मिलेगा?
🕉️ कैसी हो आपकी दैनिक जीवनशैली? 🕉️
✅ सुबह ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से पहले) उठने की आदत डालें।
✅ प्राकृतिक क्रियाओं में देर या दबाव न करें।
✅ नीमदातुन, तिल तेल से नस्य, त्रिफला कुल्ला जैसी परंपरागत दिनचर्या अपनाएँ।
✅ हल्का व्यायाम या योग करें। पसीना आना अच्छा है, थकावट नहीं।
✅ नहाने के बाद ही भोजन करें, भोजन ताजा, गरम और मौसमी होना चाहिए।
✅ भोजन के बीच ध्यान भटकाना या जल्दी-जल्दी खाना नुकसानदेह है।
✅ दिन में जरूरत से ज्यादा सोना या देर रात जागना सेहत बिगाड़ता है।
✅ ऋतुओं के अनुसार अपनी दिनचर्या और खानपान में बदलाव लाएँ — यही है ऋतुचर्या।
✅ सामाजिक व्यवहार में शुचिता, समय पर कार्य और संयम अपनाएँ।
🍃 आयुर्वेद कहता है — संतुलन ही स्वास्थ्य है 🍃
"त्रयो दोषाः समं यस्य, स्निग्धं मांसं स्थिरं बलम्।
तस्य स्वास्थ्यं सदा शास्त्रे, स्वस्थ इत्यभिधीयते॥"
अर्थ: जिसका वात, पित्त और कफ (तीनों दोष) संतुलित हों, शरीर पुष्ट हो, मन स्थिर हो — वही व्यक्ति वास्तव में स्वस्थ है।
🌾 मल्हार आपके लिए लाया है 🌾
✔ प्राकृतिक बाजरा, जौ, रागी, मोरिंगा, त्रिफला जैसी चीजें — जो आपके आहार में सन्तुलन लाएँ।
✔ पुराने समय की रसोई की परंपरा को फिर से जीवित करें।
✔ पर याद रखिए, सिर्फ अच्छा खाना काफी नहीं, जीवनशैली भी वैसी होनी चाहिए।
आइए, हम सब मिलकर आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाएँ, मल्हार का हिस्सा बनें और अपने स्वास्थ्य को संजोएँ।
#मल्हार #आयुर्वेद #स्वास्थ्य #परंपरागतजीवनशैली #खुशहालपरिवार
05/07/2025
Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Rbsonu Raj, Nagendra Roy
03/07/2025
🌿 आंवला — प्रकृति का रसायन, शरीर का सुरक्षा कवच 🌿
Malhaar — Ayurveda for Every Generation
आंवला (Indian Gooseberry) को आयुर्वेद में अमृत समान माना गया है। यह छोटा सा फल अपने भीतर स्वास्थ्य, सौंदर्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता का खजाना समेटे हुए है।
✅ आंवला के प्रमुख लाभ :
🍋 विटामिन C का सर्वोत्तम स्रोत:
आंवला शरीर में प्राकृतिक रूप से विटामिन C की पूर्ति करता है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और संक्रमण से बचाव होता है।
⚡ एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर:
आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को हानिकारक मुक्त कणों से बचाकर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं।
🌿 पाचन में सुधारक:
यह पेट की पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, कब्ज से राहत देता है और पेट को ठंडक प्रदान करता है।
❤️ हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी:
आंवला कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित कर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
💇♂️ त्वचा और बालों का प्राकृतिक मित्र:
आंवला त्वचा को साफ़, चमकदार बनाता है और बालों को मज़बूत, घना और समय से पहले सफेद होने से बचाता है।
🩺 मधुमेह नियंत्रण में सहायक:
नियमित सेवन से आंवला रक्त में शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में सहयोगी है।
🔥 सूजनरोधी गुण:
शरीर में सूजन या जलन की स्थिति में आंवला प्राकृतिक राहत देने वाला फल है।
👀 नेत्रज्योति बढ़ाने वाला:
आंवला आंखों की रोशनी बढ़ाता है और नेत्र रोगों से बचाव करता है।
🌿 आंवला के उपयोग के आसान तरीके :
✅ कच्चा सेवन — ताजा आंवला खाना या चबाना
✅ आंवला पाउडर — पानी, जूस या शहद के साथ
✅ आंवला जूस — सुबह खाली पेट सेवन करें
✅ आंवला मुरब्बा — स्वादिष्ट व पौष्टिक विकल्प
✅ बाल एवं त्वचा उत्पाद — शैंपू, फेसपैक आदि में प्रयोग
📜 आयुर्वेद में उल्लेखित श्लोक:
वयसः स्थापकं दीर्घमायुस्तेजो बलप्रदम्।
रसायनं च सर्वेषां त्रिदोषघ्नं च शीतलम्॥
अर्थ:
आंवला शरीर को युवा बनाए रखने वाला, दीर्घायु देने वाला, तेज़, बल और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला सर्वोत्तम रसायन है। यह वात, पित्त, कफ — तीनों दोषों को संतुलित करता है।
🍃 जल्द आ रहा है — Malhaar का शुद्ध आंवला उत्पाद :
✅ Malhaar Dried Amla (सूखा आंवला)
✅ Malhaar Amla Powder (आंवला चूर्ण)
💚 पूरी तरह प्राकृतिक | शुद्ध | बिना किसी मिलावट के | आयुर्वेद पर आधारित
स्वस्थ जीवन के लिए Malhaar आंवला को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
Malhaar — Ayurveda for Every Home
#आंवला #रोगप्रतिरोधकक्षमता
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