Happy Life With Ram Ji
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31/12/2025
#सभी मित्रों को नव वर्ष की शुभकामनाएं ।2026 कोई चमत्कार नहीं करेगा, अगर हम स्वयं कुछ न करें। सपने देखने से कुछ नहीं होता, उन्हें पूरा करने की साहस चाहिए। इस साल निर्णय लो— आलस नहीं, एक्शन होगा, बहाने नहीं, मेहनत होगी, और हार नहीं, सीख होगी। अगर रोज छोटे निर्णयों पर ध्यान दिया जाये तो हम किसी भी मुकाम को हांसिल कर सकते है। नव वर्ष 2026 — आपका साल है! 🔥 new year all friends, hub, 🎉💥🌟🎊
26/12/2025
अरावली पर्वतके तथ्य जो आपको सोचने को मजबूर कर देंगें =
1. अरावली पर्वतमाला का परिचय
अरावली भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है।
यह राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात से होकर गुजरती है।
अरावली उत्तर भारत के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का कार्य करती है।
2. अरावली का पर्यावरणीय महत्व
थार के रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकती है।
मानसून को संतुलित करती है।
भूजल स्तर बनाए रखने में सहायक है।
नदियों और जंगलों को संरक्षण देती है।
जलवायु संतुलन (Climate Balance) बनाए रखती है।
3. अरावली में उत्खनन और दोहन
अवैध खनन और पत्थर तोड़ने की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।
पेड़ों की कटाई से पहाड़ कमजोर हो रहे हैं।
प्राकृतिक ढाल नष्ट हो रही है।
4. राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा पर प्रभाव
तापमान में लगातार वृद्धि।
हीटवेव और जल संकट।
भूजल स्तर का तेजी से गिरना।
मरुस्थलीकरण (Desertification) का फैलाव।
5. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पर प्रभाव
तापमान बढ़ने से बर्फ तेजी से पिघल रही है।
बार-बार लैंडस्लाइड हो रही हैं।
अचानक बाढ़ और जन-धन की हानि।
6. उत्तर प्रदेश और बिहार पर प्रभाव
नदियों का तेज बहाव।
भूमि कटाव (Soil Erosion)।
हर वर्ष बाढ़ की समस्या।
किसानों की खेती और घर नष्ट हो रहे हैं।
7. भारत के तटीय क्षेत्रों पर प्रभाव
हिमालय की बर्फ पिघलने से समुद्र स्तर बढ़ रहा है।
तटीय क्षेत्रों में जलभराव।
खारा पानी खेतों में घुस रहा है।
मछुआरों की आजीविका पर खतरा।
8. अरावली संरक्षण की आवश्यकता
अवैध खनन पर सख्त रोक।
बड़े स्तर पर वृक्षारोपण।
पर्यावरणीय कानूनों का पालन।
बच्चों और जनता में जागरूकता।
9. निष्कर्ष
अरावली का विनाश केवल एक पहाड़ का विनाश नहीं है।
यह पूरे भारत की जलवायु और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
अरावली बचेगी तो जीवन, पानी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।
10. महत्वपूर्ण नारा
“अरावली बचेगी – भारत बचेगा।”
# Save Aravli, life,
20/12/2025
रूख साटे शीश कटे तो भी सस्तो जाण की कहावत को चरितार्थ करने वाले राजस्थान की जीवन रेखा कही जाने वालीअरावली पर्वतमाला आज चीख -चीख कर पुकार रही होगी की इंसान के आधुनिक विकास की आड में मुझे कटना होगा।मेरी उंचाई कम हो गई है इसलिए मुझे कटना होगा। हे किसान अब में तेरे लिए बंगाल की खाड़ी व अरब सागर के मानसून को रोक कर वर्षा करवाना मुशकिल होगा क्योंकी मेरी ओकात अब केवल मीटरों में आंकी जा रहा है। ये नदियों ,झीलें,वन्य जीव जन्तुओं,वृक्षों ,जड़ी -बूंटियां ,पक्षियों ओर तो ओर यहां तक की मनुष्य का वर्तमान व भविष्य संकट में पड़ने वाला है।अरावली की वादियों में महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल ,महाराणा सांगां,महाराणा अमरसिंह, खेतड़ी के महाराजा अजित सिंह ,मींरा,महारानी पदमिनी,रानी हाडी ,अमृता देवीआदि अनेक वीरों व विरांगनाओं ने अपना बलिदान दिया है। कोरोना जैसे संकट को आज इंसान भूल चुका है।ऑक्सीजन के अभाव में क्या हाल हुआ था।उसे शायद हम भूल रहें है।अतःविकास ऐसा हो जिससे इस परितंत्र को नुकसान न हो। कानून ऐसे बने जिससे अरावली ही नहीं उससे जुड़े सम्पूर्ण परितंत्र पर विपरीत प्रभाव न पड़े।कुछ तस्वीरें है अरावली की वादियों की जिनमें दोस्तों के साथ देख रहे है।लेकिन इनके संरक्षण के बिना आगामी पीढियां इन्हे देख पायें या नहीं अभी यह कहना मुशकिल है। # save Aravli mountain ecosystem # Tranding
05/08/2025
द पावर ऑफ सबकॉन्सियस माइंड पुस्तक हमें यह गाइड करती है कि हमारा मष्तिष्क दो भागों में बंटा होता है। एक चेतन और दुसरा अवचेतन चेतन भाग तर्क-वितर्क करता है ,विश्लेषण कर सकता है,प्रश्न कर सकता है तथा जो चिज/बात/प्रश्न अभ्यास में नहीं होता या फिर वर्त्तमान समय में उसका कोई महत्व नहीं होता उन सभी तथ्यों,भावनाओं, बातों को अवचेतन भाग में भेज दिया जाता है।
अवचेतन भाग का महत्व:=
हमारे शरीर की दमित ईच्छाएं ,भावनाएं, तथ्य, ज्ञान हमारे शरीर, मन आदि के जितने भी अनुभव है वो सभी ईसी भाग में स्थित होते हैं।इसलिए जितनी भी पुरानी बातें है वो सब यहीं मिलतें है। इसको जैसे ही कमांड मिलती है। यह उस पर कार्य करना शुरू कर देता है। इसलिए हम इसमें जो भी कमांड दी जाती है यह तुरंत उस कार्य को पूर्ण करने में लग जाता है।
अवचेतन भाग को जागृत कैसे करें या यह किस समय कार्य करता है।:=
अवचेतन भाग रात को सोने से 10/15 मिनट पहले और सुबह नींद खुलते ही इसे जो भी कमांड देंगें यह उसे पूर्ण करनें में तुरंत लग जाता है। इस समय जो भी आप मांगते है यह उसे साकार कर देता है। यह जानता इससे जो भी आप मांगते उसे यह वास्तविक रूप दे देता है, लेकिन आपको यह ध्यान देना होगा की जो भी आप मांग रहे हो वह आपकी ईच्छा स्पष्ट व साफ शब्दों में हो,वह गलत भावना से प्रेरित न हो,अपनी जो भी मांग है वह रोज ऊपर बताए गए निर्धारित समय पर दोहराने होगी।
अगर आप ऊपर बताई विधि से ईसे जागृत करते है। तो अवचेतन उसे वास्तविक धरातल पर ला देता है लेकिन आपको आपकी ईच्छा के अनुकूल कर्म लगातार करते रहना है।आप देखेंगे आपके कार्य करने की गति दिनोंदिन बढ़ जाएगी और एक दिन आप अपना लक्ष्य या सपना पुरा कर लेंगें
# अवचेतन मन की शक्तियां #सफल व खुशहाल जीवन # सपनो करें साकार अवचेतन के साथ
04/07/2025
यह पुस्तक हमें हमारे स्वास्थ्य के बारे में निर्देश देती है। इससे हमें यह जानकरी मिलती है,कि हमारा शरीर तीन प्रकार का होता है। वात,पीत ओर कफ ।हमें यह ध्यान रखना चाहिए की हमारा शरीर किस प्रकार का है वात,पित या कफ।उसी के अनुसार भोजन करना चाहिए यह पुस्तक हमें यह भी बताती है की हमारे मस्तिष्क में जो बैक्टीरिया होते है वैसे ही बैक्टीरिया हमारे गट मैं मौजूद होते है।इसलिए हमें अपने मस्तिष्क व गट दोनों को ही साफ-सुथरा रखना आवश्यक है। इस पुस्तक मैं हमें यह भी बताया गया है की हमें किस समय कौनसा भोजन करना चाहिए। विरूद्ध आहार के बारे में बताया गया है। हमरे सोचने ,चिंता करने, तनाव लेने का प्रभाव भी हमारे गट पर पड़ता है।
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