Yuwa bharat Tinsukia Assam
You Can Get Information Related Yoga And Yog Shivir Around Tinsukia District Assam .
Patanjali Gurukulam
19/04/2026
परशुराम जयंती की शुभकामनाएं 🙏
धर्म, साहस और समर्पण की प्रेरणा।
19/04/2026
करो योग, रहो निरोग । आज से ही योग का शुरुआत कीजिए यह हमारा जीवन को सुस्त और समर्थ रखता है।
14/03/2026
With Rajdeep Poddar – I just got recognised as one of their top fans! 🎉
14/03/2026
With Prity Poddar chief advisor mahila patanjali – I'm on a streak! I've been a top fan for 3 months in a row. 🎉
14/03/2026
Yoga with Prity Poddar Tinsukia
YouTube channel do subscribe
Yoga With Prity Poddar Tinsukia mahila patanjali yog samiti chief adviser social worker happy to help people
10/02/2026
आदरणीय डॉ. जयदीप आर्य (सेक्रेटरी जनरल, वर्ल्ड योगासन एवं योगासन भारत) जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आपके नेतृत्व में योगासन, हरियाणा योग आयोग एवं पतंजलि योग समिति ने निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त किया है। हम ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सफलता की कामना करते हैं।
Dr. Jaideep Arya
Yuva Bharat (Official)
Sunita Tejpal Singhal
शीर्षासन (Śīrṣāsana) — योग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आसन है, जिसे “आसनों का राजा” (King of Asanas) कहा जाता है। इसमें साधक अपने सिर के बल शरीर को उल्टा रखता है। यह आसन मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ाकर शरीर और मन दोनों को सशक्त बनाता है।
🧘♂️ शीर्षासन क्या है?
“शीर्ष” का अर्थ है सिर और “आसन” का अर्थ है स्थिर रहने की स्थिति।
इस प्रकार, शीर्षासन वह योग मुद्रा है जिसमें शरीर सिर के बल संतुलित रहता है और पाँव ऊपर की ओर होते हैं।
✅ शीर्षासन करने की सरल विधि (Step-by-Step Method)
प्रारंभिक स्थिति:
दरी या योगा मैट पर वज्रासन में बैठें।
हाथों की स्थिति:
अपनी दोनों कोहनियों को ज़मीन पर रखें और दोनों हथेलियों को जोड़कर एक त्रिकोण बनाएँ।
सिर की स्थिति:
सिर का अगला भाग (माथे के पास का भाग नहीं, बल्कि सिर का शीर्ष भाग) हथेलियों के बीच टिकाएँ।
घुटनों को उठाएँ:
पैरों की उंगलियों पर शरीर का भार डालते हुए धीरे-धीरे घुटनों को उठाएँ।
शरीर को ऊपर उठाएँ:
धीरे-धीरे पैरों को ऊपर की ओर सीधा करते हुए शरीर को सीधा कर लें।
संतुलन बनाएं:
पूरा शरीर सीधा रखें — टखने, घुटने, कूल्हे और धड़ एक सीध में हों।
श्वास नियंत्रण:
सामान्य श्वास लेते रहें और 15–30 सेकंड (प्रारंभ में) तक इस स्थिति में रहें।
अभ्यास बढ़ने पर 2–5 मिनट तक रह सकते हैं।
वापस आने की विधि:
धीरे-धीरे पैरों को नीचे लाएँ और वज्रासन में विश्राम करें।
🌿 शीर्षासन के लाभ (Benefits)
मस्तिष्क को ऊर्जा: मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है।
तनाव मुक्ति: तनाव, चिंता, और अवसाद में राहत देता है।
हार्मोन संतुलन: पिट्यूटरी और थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय करता है।
चेहरे की चमक: रक्त संचार बढ़ने से चेहरे पर प्राकृतिक आभा आती है।
पाचन सुधार: यकृत (लिवर) और आँतों की क्रियाशीलता बढ़ाता है।
रीढ़ और शरीर की शक्ति: शरीर में संतुलन, स्थिरता और शक्ति बढ़ाता है।
नींद में सुधार: अनिद्रा और मानसिक थकान में लाभकारी।
⚠️ शीर्षासन करते समय सावधानियाँ (Precautions)
प्रारंभ में किसी अनुभवी योग शिक्षक की देखरेख में करें।
गर्दन, रीढ़ या हृदय रोगी इसे न करें।
उच्च रक्तचाप, नेत्र रोग, कान की समस्या या माइग्रेन वाले व्यक्ति सावधानी रखें।
महिलाएँ गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान इस आसन से बचें।
भोजन के तुरंत बाद न करें — कम से कम 3 घंटे का अंतर रखें।
आसन के बाद शवासन या बालासन में विश्राम अवश्य करें।
🕉️ निष्कर्ष (Conclusion)
शीर्षासन शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का प्रतीक है। यह आसन नियमित अभ्यास से मस्तिष्क को तेज, शरीर को संतुलित और चेहरे को दमकता बनाता है।
परंतु इसे करने से पहले धीरे-धीरे अभ्यास करें, जल्दबाज़ी न करें, और योग शिक्षक के मार्गदर्शन में ही इसका अभ्यास करें।
#शीर्षासन #योग
Life becomes lighter when we choose kindness over hurt, understanding over anger, and peace over revenge.
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Telephone
Website
Address
Tinsukia
786125
